श्याम कोई ऐसी बात बना दे
हर शय में अक्स तू मोहे अपना दिखा दे
हर चीज मैं तू समाया हैं
जीव निर्जीव हर किसी में तूने अपना घर बनाया हैं
इस अधम को भी तूने अपनाया हैं
अब जरा अपने दर्शन भी करवा दे
चाहे किसी भी रूप मैं आना मोहन
बस सिर मोरमुकुट कर मुरली
उर माल पहनते आना
अपने प्यारे अधरन पे धर बांसुरी
कोई तान मीठी सुनाते आना
कट पीट पीताम्बर कमरबन्ध लाल पहनते आना
पाँव मैं नुपुर,हाथ में कंगन छनकते आना
श्यामवर्ण श्याम भाल पे तिलक विशाल लगाते आना
जुल्फे प्यारी हवा में लहराते आना
अधरं मुस्कान सजाते आना
श्याम मेरे राधा जू को संग लेते आना
फिर करूंगी में श्यामा जू से विनती
के मोहे श्यामा अपने दल में मिला लो
मोहे बिहारी जी की बना दो.
हर शय में अक्स तू मोहे अपना दिखा दे
हर चीज मैं तू समाया हैं
जीव निर्जीव हर किसी में तूने अपना घर बनाया हैं
इस अधम को भी तूने अपनाया हैं
अब जरा अपने दर्शन भी करवा दे
चाहे किसी भी रूप मैं आना मोहन
बस सिर मोरमुकुट कर मुरली
उर माल पहनते आना
अपने प्यारे अधरन पे धर बांसुरी
कोई तान मीठी सुनाते आना
कट पीट पीताम्बर कमरबन्ध लाल पहनते आना
पाँव मैं नुपुर,हाथ में कंगन छनकते आना
श्यामवर्ण श्याम भाल पे तिलक विशाल लगाते आना
जुल्फे प्यारी हवा में लहराते आना
अधरं मुस्कान सजाते आना
श्याम मेरे राधा जू को संग लेते आना
फिर करूंगी में श्यामा जू से विनती
के मोहे श्यामा अपने दल में मिला लो
मोहे बिहारी जी की बना दो.
श्याम कोई ऐसी बात बना दे
हर शय में अक्स तू मोहे अपना दिखा दे
हर चीज मैं तू समाया हैं
जीव निर्जीव हर किसी में तूने अपना घर बनाया हैं
इस अधम को भी तूने अपनाया हैं
अब जरा अपने दर्शन भी करवा दे
चाहे किसी भी रूप मैं आना मोहन
बस सिर मोरमुकुट कर मुरली
उर माल पहनते आना
अपने प्यारे अधरन पे धर बांसुरी
कोई तान मीठी सुनाते आना
कट पीट पीताम्बर कमरबन्ध लाल पहनते आना
पाँव मैं नुपुर,हाथ में कंगन छनकते आना
श्यामवर्ण श्याम भाल पे तिलक विशाल लगाते आना
जुल्फे प्यारी हवा में लहराते आना
अधरं मुस्कान सजाते आना
श्याम मेरे राधा जू को संग लेते आना
फिर करूंगी में श्यामा जू से विनती
के मोहे श्यामा अपने दल में मिला लो
मोहे बिहारी जी की बना दो.
♥♥ Jai Shri Krishna ♥♥
हर शय में अक्स तू मोहे अपना दिखा दे
हर चीज मैं तू समाया हैं
जीव निर्जीव हर किसी में तूने अपना घर बनाया हैं
इस अधम को भी तूने अपनाया हैं
अब जरा अपने दर्शन भी करवा दे
चाहे किसी भी रूप मैं आना मोहन
बस सिर मोरमुकुट कर मुरली
उर माल पहनते आना
अपने प्यारे अधरन पे धर बांसुरी
कोई तान मीठी सुनाते आना
कट पीट पीताम्बर कमरबन्ध लाल पहनते आना
पाँव मैं नुपुर,हाथ में कंगन छनकते आना
श्यामवर्ण श्याम भाल पे तिलक विशाल लगाते आना
जुल्फे प्यारी हवा में लहराते आना
अधरं मुस्कान सजाते आना
श्याम मेरे राधा जू को संग लेते आना
फिर करूंगी में श्यामा जू से विनती
के मोहे श्यामा अपने दल में मिला लो
मोहे बिहारी जी की बना दो.
♥♥ Jai Shri Krishna ♥♥

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