जय कृष्ण हरे जय कृष्ण हरे श्री कृष्ण हरे . दुखियों के दुख दूर करे जय जय जय कृष्ण हरे .. जब चारों तरफ़ अंधियारा हो आशा का दूर किनारा हो . जब कोई ना खेवन हारा हो तब तू ही बेड़ा पार करे . तू ही बेड़ा पार करे जय जय जय कृष्ण हरे .. तू चाहे तो सब कुछ कर दे विष को भी अमृत कर दे . पूरण कर दे उसकी आशा जो भी तेरा ध्यान धरे . जो भी तेरा ध्यान धरे जय जय जय कृष्ण हरे ..

No comments:
Post a Comment