मोहन मेरे मन के भाव मैं तुझसे क्या कहू
क्या तू नही जानता इन्हें
पहले खुद ही आते हो
हमे अपना दीवाना बनाते हो
फिर देखो न तुम
कैसे एक झलक के लिए भी इतना तडपाते हो
कईयों को तूने अपना दीवाना बनाया हुआ हैं
अपनी झलक दिखाने के लिए तरसाया हुआ हैं
अब तो आ जाओ न इक पल की देर लगाओ
क्या तू नही जानता इन्हें
पहले खुद ही आते हो
हमे अपना दीवाना बनाते हो
फिर देखो न तुम
कैसे एक झलक के लिए भी इतना तडपाते हो
कईयों को तूने अपना दीवाना बनाया हुआ हैं
अपनी झलक दिखाने के लिए तरसाया हुआ हैं
अब तो आ जाओ न इक पल की देर लगाओ

*”˜˜”*•..•♥•._˜”*°♥♥♥°*”˜.•♥•. _.•*”˜˜”*
ReplyDeleteकृष्ण(_¸.♥’´(_¸*.¸श्री राधे !!¸*.¸_)`’♥.¸_)कृष्ण
कृष्ण (_¸.♥’´(_¸.*’¸.**.¸’*.¸_)`’♥.¸_)राधे`कृष्ण
`कृष्ण-’(_¸.♥’´(_¸.**.¸_)`’♥.¸_)राधे`कृष्ण
राधे`कृष्ण-`(_¸.♥ ‘♥.¸_)श्री कृष्ण: शरणम् मम:!!
.•♥•.══◄.•♥•.श्री कृष्ण: शरणम् मम:!!.•♥•.►══.•♥•.
*”˜˜”*•.•♥•..•*˜”*°श्री राधे !!°*”˜*•..•♥•..•*”˜˜”*