Wednesday, July 4, 2012


मेरे प्रिय कान्हा

श्यामा लिखूं , कान्हा लिखूं , 

या गिरधर गोपाला लिखूं ? 

हैरान हूँ के आप को इस ख़त में क्या लिखूं ,

ये मेरा पहला प्रेमपत्र पड़कर के आप नाराज़ न होना , 

के आप मेरी ज़िन्दगी है , कान्हा आप मेरे बंदगी है ,

आपको में चाँद कहती थी , उस चांदनी के रौशनी से में ,

अपने आप को सवारती थी ,मगर उसमे भी दाग है , 

आपको सूरज में कहती थी ,मगर उसमे भी आग है , 

आपको इतना ही कहती हूँ की , मुझको आपसे प्यार है ,

आपके नामों से प्यारा इस जग में दूसरा कोई नहीं है ,

ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर के आप नाराज़ न होना ,

के आप मेरी ज़िन्दगी है , कान्हा आप मेरे बंदगी है ,

हर पल आपकी याद मुझे सताती है , 

आप दिल के पास है इतने ,फिर भी न जाने क्यूँ  ,

ये दूरियां सी लगती है , कान्हा जल्दी से आ जाओ ,

तुम्हारी ही इंतज़ार में हूँ , अगर मर जाऊं तो , 

मेरी रूह भटकेगी , आपके इंतज़ार में , 

ये मेरा पहला प्रेम पत्र पढ़कर के आप नाराज़ न होना , 

के आप मेरी ज़िन्दगी है , कान्हा आप मेरी बंदगी है ।


आपकी प्रिय राधा रानी 

Friday, February 3, 2012

jai sri krishna




Krishna Jinka Nam, Gokul Jinka Dham,
Ase SHREE KRRISHN Bhagwan Ko,..
Ham Sab Ka Pranam.
Jay Shree Krishna


makhan cho






Maakhan Chorr Hai Aayo,
Yashomati Maiya Ka Nandlala,
Dharti Pe Bhagwan Ka Avataar Hai Aoyo,
Harne Kans Jaise Papi Ko Karne Kalyan
Dharti Maa Ka..
Sheshnaag Ki Chatra Me Wo Hai Aayo,
Banke Kanha Makhan Chor Hai Aayo,
Happy Krishna Janmashtami...
creative

Wednesday, January 18, 2012

फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,


फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,
और साथ सज रही है वृषभानु की दुलारी,

तिरछा सा मुकुट सर पे रखा है किस अदा से,
करुना बरस रही है करुना भरी निगाह से,
बिन मोल बिक गया हूँ जब से छबी निहारी,
फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,

सिगार तेरा प्यारे शोभा कहूं क्या इसकी,
एक पे गुलाबी पट्टा एक पे गुलाबी साड़ी,
एक नन्द का है छोरा एक भानु की दुलारी,
फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,

चुन चुन के कलिया जिस ने दरबार है सजाया,
इन आभुशनो से जिसने तुम्हे सजाया,
उन हाथो के मैं सदके उन हाथो पे मैं वारी,
फूलों मैं सज रहे है