!! साँवरिया मोहन !!
आओ मेरी सखियों मुझे मेहँदी लगा दो... मुझे श्यामसुन्दर की दुल्हन बना दो...
Wednesday, July 4, 2012
Friday, February 3, 2012
makhan cho
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Wednesday, January 18, 2012
फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,
फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,
और साथ सज रही है वृषभानु की दुलारी,
तिरछा सा मुकुट सर पे रखा है किस अदा से,
करुना बरस रही है करुना भरी निगाह से,
बिन मोल बिक गया हूँ जब से छबी निहारी,
फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,
सिगार तेरा प्यारे शोभा कहूं क्या इसकी,
एक पे गुलाबी पट्टा एक पे गुलाबी साड़ी,
एक नन्द का है छोरा एक भानु की दुलारी,
फूलों मैं सज रहे है श्री वृन्दावन बिहारी,
चुन चुन के कलिया जिस ने दरबार है सजाया,
इन आभुशनो से जिसने तुम्हे सजाया,
उन हाथो के मैं सदके उन हाथो पे मैं वारी,
फूलों मैं सज रहे है
Tuesday, December 20, 2011
ओह कृष्ण ओह मेरे प्यारे, करुनासिंधु तुम ही पालनहारे छेडू मैं तो दिल की रागिनिया सुनाओ तुम भी तान मतवाली तुम बजाना धुन बंसी की मैं आऊँगी भागी भागी ओह मेरे सांवरिया,ओह मेरे रसिया सुन लो सुन लो अब तो टेर हमारी अब के आना होरी में,खेलेंगे जम के होरी होगी याद तुम्हारी रसिया,जल होगा आँखों का मेरा रंग जाना मोहे अपने रंग में,देखती रह जाए दुनिया सारी आ जाना साँवरिया प्यारे,रहेगी हर पल आने की आस तुम्हारी
Tuesday, November 1, 2011
ऐ श्याम प्यारे मुझको दरस दिखा दे कब से दरस को प्यासी अखिया आकर चैन इन्हें दिला दे ओह श्याम प्यारे मुझको दरस दिखा दे नीलमणि तुम,नीलवरण हो नीली झलक अपनी दिखाना हमे श्याम अपना पागल कर जाना मोर मुकुट धारण हो करते मोरो सा नृत्य रचाते मोर पंखी में छवि अपनी दिखा जाना ऐ श्याम प्यारे मुझको दरस दिखा जाना करू विनती मै तुझसे श्याम! कभी मेरी गली भी आ जाना

Sunday, October 30, 2011
नैन मिलाकर मोहन सौ,वृषभानु लली मन में मुस्कान।
देखि निहाल भई सजनी,व सूरतिया मम माँहि समानी।
नैन मिलाकर मोहन सौ,वृषभानु लली मन में मुस्कान।
भौंह मरोर के दूसरी और,कछु वह घूंघट में शरमाई।
देखि निहाल भई सजनी,व सूरतिया मम माँहि समानी।
औरन की परवाह नही,अपनी ठकुराइन राधिका रानी॥
नवनीत गुलाब तैं कोमल हैं,हठी कुंज की मंजुलताइन में।
गुललाला गुलाल प्रबाल जपा छबि ऐसी न देखी ललाइन में॥
मुनि मानस मन्दिर मध्य बसैं बस होत हैं सूधे सुभाइन में।
बहु रे मन,तू चित चाइन सौं,वृषभानु कुमारि के पाइन में॥

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